रीवा संभाग के छह जिलों में सरकारी योजनाओं से जुड़े हितग्राहियों की ई-केवाईसी प्रक्रिया बेहद धीमी है। 1 लाख 16 हजार से अधिक पात्र लोगों में से केवल 3,652 की ही ई-केवाईसी पूरी हो पाई है। यह स्थिति भविष्य में योजना लाभ रुकने और नाम कटने का खतरा बढ़ा रही है, जिस पर प्रशासनिक कार्रवाई जरूरी है।
नई सरकार के गठन के बाद रीवा संभाग में ऑन रिकॉर्ड गरीबों की संख्या चौंकाने वाली तेजी से बढ़ी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार बीते 756 दिनों में संभाग के छह जिलों में 57 हजार से अधिक नए गरीब दर्ज किए गए हैं। इसमें रीवा जिला पहले और सतना दूसरे स्थान पर है। हर दिन औसतन 76 लोग ऑन रिकॉर्ड गरीब की श्रेणी में जुड़ रहे हैं।














